[ad_1]
<p>एमसीडी ने दिल्ली में रहने वालों को टैक्स से छूट के मामले में बड़ी राहत दी है. प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग से मिलने वाली टैक्स छूट के लिए अब दिल्ली वालों को और समय मिल गया है. इसके लिए डेडलाइन पहले 31 जनवरी को समाप्त हो रही थी, जिसे अब एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.</p>
<h3>इस टैक्स पर 10 पर्सेंट की छूट</h3>
<p>दिल्ली नगर निगम ने डेडलाइन बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि अब दिल्ली वासी फरवरी महीने के अंत तक प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग कर सकते हैं. प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग करने वालों को अगले वित्त वर्ष के लिए एडवांस टैक्स का एकमुश्त भुगतान करने पर 10 फीसदी की छूट मिलेगी. इस तरह अब 10 फीसदी टैक्स छूट का लाभ उठाने के लिए दिल्ली वालों को एक महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है.</p>
<h3>29 फरवरी तक का मिला समय</h3>
<p>एमसीडी का कहना है कि यूजर्स को आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते डेडलाइन बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि आईफोन यूजर्स को अपनी प्रॉपर्टी को जियो टैग करने में दिक्कतें आ रही थीं. एमसीडी ने इस तकनीकी दिक्कत का उचित समाधान निकालने का वादा किया था. उसी के तहत अब डेडलाइन बढ़ाई गई है. एमसीडी ने दो महीने में 15 लाख प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग का लक्ष्य तय किया था. इसके लिए अब लोगों को 29 फरवरी तक का समय मिल गया है.</p>
<h3>क्या है जियो टैगिंग का मतलब</h3>
<p>प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग का मतलब किसी खास प्रॉपर्टी को जीआईएस मैप उसके सटीक स्थान के साथ टैग करना है. इसके लिए संबंधित प्रॉपर्टी के आइडेंटिफिकेशन कोड को उसकी सटीक लोकेशन के साथ लिंक किया जाता है. एमसीडी का मानना है कि प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग से उसे लोगों तक विभिन्न सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने में सहूलियत होगी.</p>
<h3>प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग का प्रोसेस</h3>
<ul>
<li><strong>जियो टैगिंग के लिए सबसे पहले एमसीडी का उमा ऐप डाउनलोड करना होगा</strong></li>
<li><strong>उमा ऐप के लेटेस्ट 1.8 वर्जन को https://mcdonline.nic.in/mcdapp.html.से डाउनलोड कर सकते हैं</strong></li>
<li><strong>इसके लिए आपको डिवाइस लोकेशन परमिशन देने की जरूरत होगी</strong></li>
<li><strong>अब संबंधित प्रॉपर्टी पर जाकर ऐप को ओपन करें</strong></li>
<li><strong>मॉड्यूल सेलेक्ट कर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से लॉग इन करें</strong></li>
<li><strong>विकल्पों से प्रॉपर्टी टैक्स मॉड्यूल को सेलेक्ट करें</strong></li>
<li><strong>प्रॉपर्टी का यूपिक यानी यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड सेलेक्ट करें</strong></li>
<li><strong>कैप्चर जियो कोऑर्डिनेट पर क्लिक कर सटीक लोकेशन सेलेक्ट करें</strong></li>
<li><strong>प्रॉपर्टी की फोटो अपलोड करें और कैप्शन में एड्रेस डाल दें</strong></li>
<li><strong>प्रॉपर्टी डिटेल सेव करने के बाद सबमिट कर दें</strong></li>
</ul>
<h3>इस बात का जरूर रखें ध्यान</h3>
<p>प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग में आपको सुनिश्चित करना है कि जानकारियां सटीक दर्ज हों. सबमिट करने से पहले लोकेशन, जियो कोऑर्डिनेट, एड्रेस आदि को दोबारा चेक कर लें. कोई गलती होने पर आपको उसे सही करने का एक ही मौका मिलेगा.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a title="सरकारी सेमीकंडक्टर लैब का होगा कायाकल्प, टाटा समेत इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी" href="https://www.abplive.com/business/chip-industry-in-india-tata-texas-instruments-tower-semiconductor-and-others-in-race-2599471" target="_blank" rel="noopener">सरकारी सेमीकंडक्टर लैब का होगा कायाकल्प, टाटा समेत इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी</a></strong></p>
[ad_2]
Source link