सपनों का घर बनाना होगा और महंगा, कम डिमांड के बीच भी बढ़ रही सीमेंट की कीमत

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Cement Price Hike: बढ़ती महंगाई के बीच सपनों का घर तैयार करने के अरमानों को झटका लगा है, क्योंकि पिछले महीने की तुलना में सीमेंट निर्माता कंपनियों ने इसकी कीमत में 12 से 13 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है. सीमेंट की कीमत में बढ़ोतरी का कारण मानसून में आई देरी से बढ़ी लागत की वजह से हुई है. लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. 

इस बढ़ोतरी के कारण पूरे भारत में सीमेंट की औसत कीमत 50 किलो बोरी के लिए 382 रुपये पर पहुंच गई है. पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सीमेंट की कीमत 326 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति बोरी पहुंच चुका है. हालांकि मानसून सीजन के दौरान देखा जाता है कि निर्माण की मांग कम होने से कीमत कम होती है, लेकिन सितंबर तिमाही के दौरान मांग कम होने के बाद भी कीमत में इजाफा हुआ है. 

मानसून खत्म होने पर और बढ़ेगी कीमत 

सीमेंट निर्माता कंपनियों की ओर से इसकी कीमत में बढ़ोतरी एक सख्त कदम है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब मानसून खत्म हो जाएगा, तब सीमेंट की कीमत में और बढ़ोतरी देखी जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि सीमेंट की मांग बढ़ेगी. इसके अलावा, रॉ मैटेरियल की लागत में एक बार फिर बढ़ने से इसकी कीमत और ज्यादा हो रही है. 

रॉ मैटेरियल में आई इतनी बढ़ोतरी 

ईटी के रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट ने बताया कि पिछले तीन महीने के दौरान कोल प्राइस 15 फीसदी बढ़ा है और पेटकोक प्राइस 28 फीसदी बढ़ा है. हालांकि साल दर साल की तुलना में इन दोनों की कीमत में गिरावट आई है. मार्च 2024 की तिमाही में परिचालन लागत में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. उम्मीद है कि​ वित्त वर्ष 2025 में सीमेंट की डिमांड ज्यादा तेजी से बढ़ेगी. 

बढ़ेगी कंपनियों की कमाई 

कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि अगर सीमेंट कंपनियां सीमेंट की बढ़ती कीमत को मैनेज करने में सक्षम होती हैं तो इनकी पोस्ट अर्निंग मौजूदा वित्त वर्ष से पहली छमाही में 800-900 रुपये प्रति टन से 1200-1300 रुपये प्रति टन होने की संभावना है. 

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