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Cooking Tips: गुजिया एक मिठाई है, जिसे उत्तर भारत में हर तीज त्योहार पर बनाया जाता है. वैसे तो यह मुंह में जाते ही पिघल जाती है, लेकिन बाहर से ये कुरकुरी और मीठी होती है. इसके अंदर मावा, सूखे मेवे, सूजी या नारियल की स्टफिंग भी काफी लज़ीज़ लगती है. वहीं, होली का त्योहार भी जल्द ही आने वाला है, ऐसे में गुजिया के बिना तो यह फेस्टिवल अधूरा होता है. और सिर्फ होली ही नहीं बल्कि दिवाली और अन्य त्योहारों पर भी गुजिया बनाई जाती है. मूल रूप से, यह त्योहारों के लिए मीठा है और इसलिए, इसे बनाने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए. वैसे तो इसे बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन अगर कुछ विशेष बातों का ध्यान न रखा जाए, तो इस मिठाई का स्वाद खराब हो सकता है. आइये जानते हैं, ऐसे ही कुछ टिप्स के बारे में, जिसकी मदद से आप बेहद स्वादिष्ट गुजिया तैयार कर सकते हैं.
परफेक्ट गुजिया रेसिपी के लिए टिप्स
01. गुजिया रेसिपी के लिए आटा एकदम सही होना चाहिए. सही तरीके से गुथा हुआ आटा कुरकुरा और परतदार गुजिया बनाने में मदद करेगा, जो मुंह में पिघल जाएगा.
02. गुजिया का डो तैयार करने के लिए मैदे में तेल डालकर दोनों हाथों से मसल लें. ऐसा करने से तेल और मैदा आपस में अच्छी तरह मिक्स हो जाएंगे.
03. मैदे का डो तैयार करते वक्त एक साथ सारा पानी न डालें, बल्कि धीरे-धीरे करके पानी डालें.
04. गुजिया की स्टफिंग काफी मायने रखती है. इसलिए इसकी मिठास को हमेशा स्टफिंग से पहले चख लें और स्वाद के मुताबिक चख ले. ध्यान रखें कि स्टफिंग स्वादानुसार मिठास से थोड़ा अधिक मीठा होना चाहिए. क्योंकि जब इसे भरकर भून लिया जाएगा तो यह बाहरी परत के साथ मिल जाएगा और चखने पर उतना मीठा नहीं रहेगा.
05. स्टफिंग बनाने के लिए हमेशा मावा को हल्का गुलाबी होने तक भूने. इतना ही नहीं बाकी सामग्री डालने से पहले इसे पूरी तरह से ठंडा कर लें. इसके अलावा, दानेदार चीनी के बजाय पाउडर चीनी का उपयोग करें.
06. गुजिया में सही मात्रा में स्टफिंग होना बहुत जरूरी है. बहुत ज्यादा भरने से तलते समय गुजिया खुल जायेगी और कम भरने से गुजिया खोखली हो जाएगी. इसलिए गुजिया के सांचे में 1 टेबलस्पून स्टफिंग या उसके साइज के हिसाब से भरें.
07. मैदे को गूथने के बाद उसे 10 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रख दें.
08. गुजिया बनाने के बाद भी उसे गीले कपड़े से ढक कर रखें, इससे वे सूखेंगे नहीं.
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