बढ़ सकती है अडानी समूह की मुश्किलें, डिस्क्लोजर रूल्स को लेकर सेबी ने अपनी जांच में पाई गलतियां

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SEBI On Adani Group: अडानी समूह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सेबी की जांच में अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों की तरफ से डिस्क्लोजर यानि जरुरी खुलासे और ऑफशोर फंड्स के होल्डिंग्स के मामले में नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है. मंगलवार 29 अगस्त 2023 को सेबी की जांच रिपोर्ट सबमिट करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अडानी मामले पर सुनवाई भी होनी है. 

रॉयटर्स के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट ने अडानी समूह की लिस्टेड स्टॉक्स में हेराफेरी का आरोप लगाया था. इस आरोप के बाद अडानी समूह के लिस्टेड स्टॉक्स औंधे मुंह गिर गए थे. अडानी समूह के स्टॉक्स के वैल्यूएशन में 100 बिलियन डॉलर की कमी आ गई थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद  सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने मामले की जांच शुरू की. हालांकि तब अडानी समूह ने हिंडनबर्ग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.

सोर्स के हवाले से जो रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक अडानी समूह की तरफ से उल्लंघन का मामला टेक्निकल जैसा है जिसमें जांच पूरी होने के बाद मॉनिटरी पेनल्टी लगाया जा सकता है. सेबी ने रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की है. सेबी अडानी समूह के खिलाफ जांच पहले पूरी करने के बाद अपने आदेश जारी करेगा. सेबी और अडानी समूह ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है.     

शुक्रवार 25 अगस्त 2023 को सेबी ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है. रिपोर्ट में सेबी ने कहा कि उसने 24 मामले की जांच की है जिसमें से 22 की जांच पूरी हो चुकी है और 2 जांच की रिपोर्ट फिलहाल अंतरिम है. इन दो मामलों में सेबी को विदेशी एजेंसियों के रिपोर्ट का इंतजार है. सेबी ने कहा है  जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिन दो मामलों में अंतरिम रिपोर्ट सौंपा गया है उसमें अडानी समूह के 13 विदेशी एनटिटी यानि इकाईयों को लेकर जांच की जा रही है. 

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