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<p>नवरात्री की शुरुआत हो गई है, नौ दिनों के इस त्योहार पर फलाहार भोजन करने का प्रावधान है. इसके लिए कुट्टू के आटा काफी पवित्र माना जाता है, जिसका इस्तेमाल करके आप व्रत वाले आहार तैयार कर सकते हैं. इसे खासतौर से उपवास के दिनों में बनाई जाती है. बता दें कि, कुट्टू की पूरी ग्लूटेन फ्री होने के अलावा बहुत स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक भी होती है. इसे उबले आलू के साथ या उसके बिना भी बनाया जा सकता है. उपवास के दिनों में, कुट्टू का आटा या कुट्टू के आटे की जगह राजगिरा या सिंघाड़े का आटा भी ले सकते हैं. कुट्टू के आटे पूरियां बेहद कुरकुरी होती हैं और इनका स्वाद भी सामान्य पूरियों से कई गुना ज्यादा अच्छा होता है.</p>
<h2>कुट्टू की पूरी के लिए इंग्रीडिएंट</h2>
<p>2 कप कुट्टू आटा<br />1 आलू<br />1/2 छोटा चम्मच सेंधा नमक<br />1 कप पानी</p>
<h2>कुट्टू की पूरी कैसे बनायें</h2>
<p>1. एक बड़े गहरे कटोरे में 2 कप कुट्टू का आटा लें.<br />2. इस आटे में उबले हुए आलू डालें और कड़छी से अच्छी तरह मिला लें.<br />3. सेंधा नमक और आवश्यकतानुसार पानी डालकर चिकना आटा गूंथ लें. सुनिश्चित करें कि यह चिपचिपा न हो वरना पूरियां ठीक से नहीं बेली जाएंगी.<br />4. आटे को पतली प्लास्टिक शीट से ढककर कम से कम आधे घंटे के लिए अलग रख दें.<br />5. 30 मिनट बाद शीट हटा दें.<br />6. अब आटे को बराबर छोटे आकार की लोइयों में बांट लीजिए.<br />7. पूरी को चिपकने से बचाने के लिए बेलन बोर्ड पर आटा छिड़कें और बेलन की सहायता से इसे गोल आकार में बेल लें. ध्यान रखें कि इसे बहुत पतला नहीं बनाना है.<br />8. एक पूरी को धीरे से गर्म तेल में डालें और फूलने तक डीप फ्राई करें. सुनहरा और कुरकुरा होने तक दोनों तरफ से तलें.<br />9. इस प्रक्रिया को बाकी पूरी के साथ दोहराएं और तेल निकालने के लिए पेपर टॉवल का इंतजार करें.<br />10. दही आलू या अन्य व्रत वाले खाने के साथ गरमागरम परोसें. </p>
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