[ad_1]
<p>शेयर बाजार में पिछले कई सप्ताह से जबरदस्त रैली देखी जा रही है. इस शानदार रैली में लगातार कई पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं और उनकी जगह नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं. कई शेयरों ने बीते सप्ताहों की रैली में नया शिखर बनाया है. इससे सरकारी बैंक पीएनबी के शेयरों को भी खूब फायदा हुआ है और शेयर बाजार में इस सरकारी बैंक ने भी एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.</p>
<h3>इस स्तर पर पहुंचा शेयर का भाव</h3>
<p>बीते सप्ताह के अंतिम दिन 15 दिसंबर शुक्रवार को पीएनबी के शेयरों में अच्छी-खासी तेजी देखी गई. शुक्रवार को यह शेयर 1.33 फीसदी की तेजी के साथ 91.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान पीएनबी का शेयर एक समय 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 92 रुपये के स्तर तक पहुंचा, जो इसका 52-सप्ताह का नया उच्च स्तर है.</p>
<h3>इस उपलब्धि वाला तीसरा सरकारी बैंक</h3>
<p>इसके साथ ही पीएनबी का मार्केट कैप बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया. पीएनबी तीसरा सरकारी बैंक बन गया है, जिसका मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ है. इससे पहले सिर्फ दो सरकारी बैंकों एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा ने यह उपलब्धि हासिल की है. एसबीआई 5.79 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ सबसे बड़ा सरकारी बैंक और दूसरा सबसे बड़ा भारतीय बैंक है. बैंक ऑफ बड़ौदा का मौजूदा मार्केट कैप 1.16 लाख करोड़ रुपये है.</p>
<h3>मल्टीबैगर क्लब की दहलीज पर शेयर</h3>
<p>पीएनबी के शेयरों में पिछले कुछ महीने के दौरान जबरदस्त तेजी देखी गई है, जिससे यह मल्टीबैगर बनने के करीब पहुंच गया है. पिछले सप्ताह पीएनबी का शेयर साढ़े चार फीसदी मजबूत हुआ, जबकि पिछले एक महीने में करीब 17 फीसदी की तेजी आई है. बीते छह महीने में पीएनबी का भाव 75 फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ है. किसी तय अवधि में अगर कोई शेयर कम से कम डबल हो जाए यानी 100 फीसदी उछल जाए, तो उसे मल्टीबैगर कहा जाता है.</p>
<h3>शुद्ध मुनाफे में 327 फीसदी उछाल</h3>
<p>पीएनबी का फाइनेंशियल रिजल्ट सितंबर तिमाही में काफी अच्छा रहा है. तिमाही के दौरान पंजाब नेशनल बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 327 फीसदी उछलकर 1,756 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. साल भर पहले की समान तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2022 के दौरान पीएनबी का शुद्ध मुनाफा 411.27 करोड़ रुपये रहा था. बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है. तिमाही के दौरान बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो साल भर पहले के 10.48 फीसदी से कम होकर 6.96 फीसदी पर आ गया है.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a title="2047 में भी गरीब रहेगा भारत? पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को इस बात की आशंका" href="https://www.abplive.com/business/former-rbi-governor-raghuram-rajan-says-india-will-remain-lower-middle-income-country-by-2047-2562507" target="_blank" rel="noopener">2047 में भी गरीब रहेगा भारत? पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को इस बात की आशंका</a></strong></p>
[ad_2]
Source link