टाटा टेक और बीएमडब्लू के ज्वॉइंट वेंचर का ऐलान, शेयरों में आया उछाल  


Tata Technologies: टाटा ग्रुप (Tata Group) की टाटा टेक्नोलॉजीस (Tata Technologies) और बीएमडब्लू ग्रुप (BMW Group) ने ज्वॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है. दोनों कंपनियों का यह ज्वॉइंट वेंचर (Tata Tech BMW JV) मिलकर जर्मन लग्जरी कार ब्रांड के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट करेगा. टाटा टेक्नोलॉजीस इस ज्वॉइंट वेंचर को लेकर मंगलवार को घोषणा की. इसके बाद से ही कंपनी के शेयर दोपहर 2.30 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 4.35 फीसदी उछलकर 1095 रुपये से ऊपर ट्रेड कर रहे थे. 

पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई से होगा काम 

यह ज्वॉइंट वेंचर पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई में सॉफ्टवेयर एवं आईटी डेवलपमेंट हब बनाएगा. डेवलपमेंट और ऑपरेशन के काम बेंगलुरु और पुणे में होंगे चेन्नई में बिजनेस आईटी सोलूशंस पर फोकस किया जाएगा. शुरुआत में यह 100 लोगों की टीम के साथ काम करना शुरू करेगा और जल्द ही कर्मचारियों की संख्या 1000 कर दी जाएगी. टाटा टेक के सीईओ एवं एमडी वारेन हैरिस ने कहा कि इस जेवी का जरिए हम दुनियाभर में फैसले कस्टमर्स को बेहतरीन ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और डिजिटल इंजीनियरिंग प्रदान करना चाहते हैं.

बीएमडब्लू की प्रीमियम कारों में इस्तेमाल होंगे सॉफ्टवेयर 

दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि यह ज्वॉइंट वेंचर कई तरह के ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर विकसित करेगा. इसमें ऑटोमेटिड ड्राइविंग एंड डैशबोर्ड सिस्टम भी शामिल होगा. यह सॉफ्टवेयर बीएमडब्लू की प्रीमियम कारों में इस्तेमाल किए जाएंगे. टाटा टेक के ऑटोमोटिव सेल्स प्रेसिडेंट नचिकेत परांजपे ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलाव आ रहे हैं. गाड़ियों में सॉफ्टवेयर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. हम बीएमडब्लू के साथ मिलकर ऐसे वाहन विकसित करेंगे जो न केवल इंजीनियरिंग बल्कि उत्कृष्ट सॉफ्टवेयर के लिए भी जाने जाएंगे. हालांकि, उन्होंने इस डील के फाइनेंशियल डिटेल फिलहाल नहीं बताए हैं. 

ज्वॉइंट वेंचर में 50-50 फीसदी की होगी हिस्सेदारी

जानकारी के अनुसार, टाटा टेक्नोलॉजीस और बीएमडब्लू ग्रुप इस ज्वॉइंट वेंचर में 50-50 फीसदी के हिस्सेदार होंगे. टाटा टेक्नोलॉजीस देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी है. यह कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और हैवी मशीनरी मनुफक्चरर्स को इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस उपलब्ध कराती है. इस कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 55.39 फीसदी है जबकि रिटेल एवं अन्य के पास 40.19 फीसदी हिस्सेदारी है.

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