क्या होती है फूड सीक्वेंसिंग, डायबिटीज कंट्रोल करने से लेकर वजन घटाने तक में कितनी मददगार?

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खराब लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के कारण अक्सर लोगों को टाइप-2 डायबिटीज की बीमारी हो जाती है. देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है. डायबिटीज के बढ़ते हुए मामलों को कंट्रोल करने के लिए आपके लिए लाए हैं एक खास तरीका. इस खास तरीका का नाम है फूड सीक्वेंसिंग. इसके जरिए शरीर में ग्लूकोज का लेवल कंट्रोल कर सकते हैं. 

जानें क्या होती है फूड सीक्वेंसिंग

खाने में कार्बोहाइड्रेट खाते हैं तो इसके करीब 30 से 60 मिनट बाद ब्लड में ग्लूकोज स्पाइक बनती है. इसके कारण शरीर में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है. यह स्थित डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी ज्यादा खतरानाक साबित हो सकता है.

ऐसे रखें अपनी डाइट का ख्याल

शरीर में ग्लूकोज को कंट्रोल रखना है तो आप अपनी डाइट का खास रखें. डाइट में अगर आप कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाना खाते हैं तो उसमें फाइबर से भरपूर फूड को शामिल करें. फाइबर खाने से पेट भरा हुआ लगता है. अगर हद से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं तो शरीर में तेजी से ग्लूकोज की मात्रा बढ़ेगी. 

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें खाएं

डायबिटीज मरीजों को फूड सीक्वेंसिंग के मुताबिक खाना खाने चाहिए. डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करनी चाहिए. जिससे ग्लाइसेमकि इंडेक्स कम होता है. जब ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है तो शरीर में शुगर तेजी से बढ़ने लगता है. 

डायबिटीज की बीमारी में क्या होता है?

यदि आपको डायबिटीज है. तो आपके शरीर में बिल्कुल भी इंसुलिन नहीं बनाता है. या इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं करता है. ग्लूकोज तब आपके रक्त में रहता है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंचता है. मधुमेह से आंखों, गुर्दे, तंत्रिकाओं और हृदय को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है. मधुमेह कुछ प्रकार के कैंसर से भी जुड़ा हुआ है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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