Eid 2024: ईद की नमाज से पहले जरूर करें ये काम, मिलेगी अल्लाह की रहमत

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Eid 2024: ईद का चांद नजर आते ही माह-ए-रमजान का समापन हो जाता है और अगले दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है. मुल्क में ईद 11 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी. ईद पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में कुछ विशेष नियम हैं, जिसमें जकात और फितरा अदा करना भी एक है.

रमजान के बाद ईद का जश्न मनाया जाता है. लेकिन ईद का जश्न मनाने से पहले मुसलमानों को जकात और फितरा अदा करना जरूरी होता है. ईद की नमाज से पहले जकात और फितरा निकालने के पीछे यह सोच है कि, अमीर-गरीब सबकी ईद मने, कोई खाल हाथ न रहे और खुशियों के त्योहार ईद पर हर घर खुशियां आए.

हालांकि जकात और फितरा को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं कि, आखिर जकात और फितरा क्या है, इसमें क्या-क्या दान करना चाहिए, कितना दान करना चाहिए और कब दान करना चाहिए. आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

क्या है जकात और फितरा (What is Zakat and Fitrah)

जकात और फितरा एक तरह का दान है, जोकि ईद की नमाज से पहले दी जाती है. इस्लाम के 5 स्तंभों में जकात भी शामिल है, जिसे पूरा करना हर मुसलमान का फर्ज है. इस्लाम धर्म के अनुसार हर सक्षम व्यक्ति को जकात जरूर देना चाहिए.

Eid 2024: ईद की नमाज से पहले जरूर करें ये काम, मिलेगी अल्लाह की रहमत

फितरा क्या है (Fitrah): ईद-उल-फितर में ईद के साथ फितर जोड़ा गया है, जिसका खास महत्व होता है. फित्र या फितर से ही फितरा बना है, जिसका मतलब होता है, ऐसी रकम जो संपन्न, समृद्ध या सक्षम घरों के लोगों द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर या जरूरतमंदों को दिया जाता है. इसे ईद की नमाज से पहले इसलिए अदा की जाती है, क्योंकि गरीब परिवार के लोग भी ईद मना सकें.

जकात क्या है (Zakat): वहीं ईद की नमाज से पहले या रमजान में जकात अदा करने की परंपरा है. फितरा की तरह जकात भी गरीब, जरूरतमंद या यतीमों को दी जाती है.  

जकात कितना निकाला जाता है (Zakat Rules)

ईद से पहले जकात निकाला जाता है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर जकात कितना निकालें. बता दें कि, आपके पास एक साल से अधिक समय तक रखे गए सोने के गहने और नकदी की जो कुल रकम हो उसका ढाई प्रतिशत जकात निकाला जाता है. इस तरह से जकात निकलाने पर अल्लाह की रहम बनी रहती है.

फितरा कितना निकाला जाता है (Fitrah Rules)

फितरा भी ईद के दिन ईद की नमाज से पहले निकाला जाता है. जकात जहां नकदी और सोने के गहनों की कुल राशि का ढाई प्रतिशत दिया जाता है. वहीं फितरा में सवा दो किलो गेहूं या इसके बराबर की रकम दी जाती है. लकिन अगर आप संपन्न या समर्थ हैं तो इससे अधिक भी फितरा दे सकते हैं.   

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